जिम में ट्रेनिंग करने का सही समय क्या है – What is the Right Time to Train in the Gym

क्या प्रशिक्षण का समय वास्तव में मायने रखता है?

प्रदर्शन और शरीर रचना (Body structure) परिणामों दोनों के संदर्भ में प्रशिक्षित (Trained) करने के लिए श्रेष्ठ समय के बारे में बहुत बहस है।

कुछ लोग सुबह सबसे पहले प्रशिक्षण (Training) लेने की कसम खाते हैं, खासकर उपवास की स्थिति में ये व्यक्ति या तो आश्वस्त (Confident) हैं कि वे खाली पेट प्रशिक्षण से अधिक वसा (Fat) जलाएंगे, या वे बेहतर महसूस करते हैं और सुबह सबसे पहले अधिक ऊर्जा प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं।

दूसरी ओर कुछ लोग अपने प्रशिक्षण और कभी-कभी दोपहर के भोजन के समय तक अपना पहला भोजन (Meal) करना पसंद करते हैं, और कुछ ऐसे भी हैं जो शाम को ट्रेनिंग करना पसंद करते हैं।

एरोबिक और प्रतिरोध प्रशिक्षण (Resistance training) दोनों के अध्ययन से पता चला है कि प्रशिक्षण के लिए अनुकूलन (Customization) दिन के उस समय अधिक होता है जब प्रशिक्षण नियमित रूप से अन्य समय की तुलना में किया जाता है [1,2]।

इससे पता चलता है कि, कम से कम प्रदर्शन (Performance) के मामले में, शरीर अपनी सर्कैडियन लय को उस दिन के समय के अनुसार ढाल लेता है, जिस पर एक व्यक्ति नियमित रूप से प्रशिक्षण (Training) लेता है।

 शरीर को डिटॉक्सीफाई कर वजन कम करने के लिए फ्री ई – बुक  डाउनलोड करें!

कुछ सवाल जो अक्सर ही पूछे जाते हैं – Some Questions that are Frequently Asked

क्या मै एक्सरसाइज छोड़ दिया तो मोटा हो जाऊंगा या हो जाउंगी ?

यह सवाल (Question) मेरे क्लाइंट के जरिए भी पूछा जाता, और अक्सर ही इसका जवाब देना थोड़ा मुश्किल हो जाता है , क्योंकि यह थोड़ा स्टुपिड सा सवाल है।

हमारी बॉडी यह नहीं जानती की उनको कैसे दिखना है, यह तो एक प्रोसेस है की जब हमारा गोल्स (Goals) होता है की हमें फैट लॉस , मसल्स गेन या वेट गेन करना है
तब हम उनके अनुरूप जिम में कसरत (Exercise) करते हैं ।

जिम छोड़ने के बाद मोटा होना पूरी तरह इस बात पर निर्भर (Dependent) करता है, की हम अपने लाइफस्टाइल को कैसे मेन्टेन रखते हैं।

अगर हम फिज़िकली एक्टिव नहीं है और हमारे खाने का हैबिट भी सही नहीं है तो इस कंडीशन में जरूर वेट बढ़ (Gain) सकता है।

क्या लड़कियां भी वेट एक्सरसाइज कर सकती है ?

जी हाँ जरूर वेट ट्रेनिंग सभी के लिए अच्छा (Good) होता है क्योंकि इससे आप मसल्स की छमता (Capacity) को बढ़ाते है जिससे आपका मेटाबोलिज्म भी अच्छा रहता है ।

लड़कियों में अक्सर यह भ्रान्ति (Fallacy) होती है की वेट ट्रैनिग करने से क्या मसल्स बड़े हो जायँगे या अपने सॉफ्टनेस को कम हो जायंगे समझते हैं लेकिन ऐसा बिलकुल भी नहीं होता क्योंकि मसल्स (Muscles) बनना हमारे हॉर्मोन्स पर निर्भर करता है।

Image from pixabay

क्या वेट लॉस एवम इन्चेस लॉस में अंतर होता हैं ?

इस अंतर (Difference) को हम इस तरह से समझ सकते है हमारे बॉडी को मापने का एक पैरामीटर है जिसे BMI कहते है, जब हम वेट लॉस प्रोसेस में होते हैं तब हमारी शरीर (Body) में जो बदलाव होता है।

हमारे मसल्स स्ट्रांग होने लगते है साथ ही साथ फैट (Fat) भी बर्न हो रहा होता है, इस परिस्तिति में इन्चेस में बदलाव आता है, परन्तु हमारा वजन कभी कभी बढ़ा हुआ होता है जो की निराशाजनक होता है।

लेकिन यह बुरी बात नहीं है आपका शरीर मजबूत हो रहा होता है आपके इनचेस में फर्क (Difference) तो नजर आता है परन्तु हाइट और वेट समान होता है।

क्या वेट ट्रेनिंग में प्रोटीन खाना फायदेमंद होता हैं ?

प्रोटीन हमरे शरीर का बिल्डिंग ब्लॉक होता है जब हम वेट ट्रेनिंग करते है तब मसल्स को तोड़ते (Breaking) है इसके रिकवरी के लिए प्रोटीन की जरुरत पड़ती है प्रोटीन अमिनो एसिड से मिलकर बना होता जो मसल्स को रिपेयर करता है इस परिस्थिति में प्रोटीन रिच फ़ूड या फिर सप्लीमेंट (Suppliment) को ले सकते हैं।

कितने समय में मेरा कितना वजन कम हो जायेगा ?

वजन (Weight) कम होना पूरी तरह खुद पर निर्भर करता है, अगर आप डिसिप्लिन मैन्टन करके कसरत और डाइट करते है तो आप जल्द ही वेट कम कर सकते हैं।

इसके विपरीत अगर आप कहीं भी मिस्टेक करते है तो आपको सही रिजल्ट नहीं मिल पाता और आप निरास होकर हार मान लेते हैं आपको नीयमितता पर ध्यान देना चाहिए वजन कम कारन या बढ़ाना एक मैराथन है न की स्प्रिंट।

क्या वेट ट्रेनिंग में नींद फायदेमंद हैं?

जब हम वेट ट्रैनिग बकरते है तब हमारे पर्टिकुलर मसल्स में दर्द होता है इसका यह मतलब है की हम जिस मसल्स की एक्सरसाइज किय है, उसका एहसास (Feeling) करता है।

वेट ट्रेनिंग के बाद हमें 7 से 8 घंटे नींद की जरुरत पड़ती है, जिससे हम दूसरे दिन थका हुआ महसूस न करें जो की अच्छे नींद (Sleep) लेना बहोत ही आवश्यक है।

इसलिए, प्रत्येक दिन एक सुसंगत समय पर प्रशिक्षण आपके द्वारा प्रशिक्षण के समय से अधिक महत्वपूर्ण हो सकता है – विशेष रूप से प्रतिरोध प्रशिक्षण (Resistance training) सत्रों के लिए जहां प्रदर्शन महत्वपूर्ण है।

यदि आपका शेड्यूल अनुमति (Permission) देता है, तो हम अनुशंसा करते हैं कि आप अपने प्रतिरोध प्रशिक्षण (Resistance training) सत्र उस समय करें जब आपके पास सामान्य रूप से सबसे अधिक ऊर्जा हो और आप प्रशिक्षण के लिए सबसे अधिक प्रेरित हों।

अध्ययनों से पता चला है कि शाम के कालक्रम (night owl) और न ही प्रकार [3] की तुलना में शुरुआती पक्षी कोरोटाइप या सुबह के प्रकारों में आम तौर पर बेहतर प्रदर्शन होता है और सुबह में कथित परिश्रम (Hard work) की रेटिंग कम होती है। इसके अलावा, शाम का व्यायाम प्रारंभिक कालक्रम [4] में सर्कैडियन मिसलिग्न्मेंट को बढ़ा सकता है।

इसलिए, यदि आप एक सुबह के व्यक्ति हैं तो आप सुबह अपने कसरत (Exercise) में शेड्यूलिंग से बेहतर हो सकते हैं, जबकि यदि आप शाम के व्यक्ति हैं या न ही किसी प्रकार के हैं तो आप मध्याह्न (Meridian) से किसी भी समय प्रशिक्षण से बेहतर हो सकते हैं।

अब, यदि अधिकतम वसा हानि लक्ष्य है तो एरोबिक प्रशिक्षण के लिए श्रेष्ठ समय के बारे में क्या? – Now, if maximum fat loss is the goal then what about the best time for aerobic training?

कई कोचों ने सुझाव दिया है कि खाली पेट कार्डियो करना शरीर की चर्बी (Fat) को जलाने के लिए अधिक प्रभावी हो सकता है क्योंकि यदि आप खाना खाने के बाद प्रशिक्षण लेते हैं, तो आप अपने द्वारा खाए गए भोजन से कुछ ऊर्जा (Energy) को जला देंगे, न कि केवल संग्रहित वसा (Fat) को जलाने के लिए।

हालांकि यह सच हो सकता है कि जब आप उपवास बनाम एक खिला अवस्था में व्यायाम (workout) करते हैं तो आप अधिक शरीर में वसा जलाते हैं, यह जरूरी नहीं कि अधिक वसा हानि का अनुवाद (Translation) करता है। अध्ययनों से पता चला है कि हाइपोकैलोरिक आहार के साथ संयोजन में एरोबिक व्यायाम से जुड़े शरीर संरचना (Body structure) परिवर्तन समान हैं, भले ही किसी व्यक्ति को प्रशिक्षण से पहले उपवास किया गया हो या नहीं [5]।

इसका कारण यह है कि आप बाकी दिनों में कम फैट बर्न (Fat burn) करेंगे। एक पल के लिए इसके बारे में सोचो। मान लीजिए कि आप सामान्य रूप से प्रति दिन 2,000 कैलोरी का उपभोग करते हैं, जो 4 भोजन में फैला (Spread out) हुआ है। यदि आप खाली पेट प्रशिक्षण (Training) लेते हैं, तो आप शरीर की अधिक चर्बी को जला सकते हैं, लेकिन फिर आप शेष दिन में 2,000 कैलोरी का उपभोग (Consumption करेंगे।

यदि आपने अपना पहला भोजन खाया, जो उदाहरण (Example) के लिए 500 कैलोरी था, और फिर आपने अपना कार्डियो किया, तो आप कार्डियो के दौरान कम संग्रहित वसा (Fat) जला सकते हैं, लेकिन ऐसा इसलिए है क्योंकि आपने खपत की गई कुछ कैलोरी (Calories) को जला दिया है। हालाँकि, अब आप शेष दिन में केवल 1,500 कैलोरी का उपभोग करेंगे। इसलिए, आप शेष दिन के लिए अधिक वसा जलाएंगे और 24 घंटों के बाद एक समान बिंदु पर समाप्त (End) हो जाएंगे।

यहां टेक-होम बिंदु यह है कि प्रतिरोध प्रशिक्षण (Resistance training) की तरह ही, जब भी यह आपको सबसे अच्छा लगे, आप अपना कार्डियो कर सकते हैं।

निष्कर्ष – Conclusion

जिम जाना एक अच्छा आदत बन सकता है, अगर आप ठान (Determined) ले तो जिम में आपको पूरा माहौल मिलता है, जंहा वर्कआउट करने के लिए प्रेरित (Inspired) होते है, हर दिन आपको नए चैलेंजेस मिलते जायँगे अगर आप हार नहीं मानते है, फिर आप स्वात: जिम में समय बिताने के आदि हो जायँगे।

अपने ट्रेनर पर विश्वास रखे और उनसे सवाल करे लेकिन सिखने (Learn) और जानने (Knowing) की दृष्टि से ट्रेनर की योग्यता को परखने की दृष्टि से नही | सभी ट्रेनर का तरीका (Style) अलग होता हैं लेकिन उद्देश्य सभी का एक होता हैं जिसमे उनके ट्रेनी को फायदा हो इसलिए अपने ट्रेनर पर हमेशा यक़ीन रखे।

हेल्थ रिलेटेड इन ब्लॉग को भी पढ़ें:-

*************************

दोस्तों! यह लेख What is the Right Time to Train in the Gym आपको कैसा लगा? यदि यह What is the Right Time to Train in the Gym आपको अच्छा लगा तो आप इस हिंदी लेख को शेयर कर सकते हैं।

इसके अतिरिक्त आप अपनेComment दे सकते हैं और ईमेल भी कर सकते हैं।

यदि आपके पास हिंदी में कोई आर्टिकल , हेल्थ और फिटनेस , लाइफ टिप्स ,सेल्फ इम्प्रूवमेंट या कोई जानकारी है और यदि आप वह हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ हमें ईमेल करें।

हमारी ईमेल ID है – dhruwfit@gmail.com यदि आपकी पोस्ट हमें पसंद आती है तो हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ अपने ब्लॉग पर Publish करेंगे।
Thanks

Disclaimer :- यह लेख केवल सामान्य सूचना के उद्देश्यों के लिए है और व्यक्तिगत परिस्थितियों को संबोधित नहीं करता है। यह पेशेवर सलाह या मदद का विकल्प नहीं है और किसी भी तरह के निर्णय लेने के लिए इस पर निर्भर नहीं होना चाहिए। इस लेख में प्रस्तुत जानकारी पर आप जो भी कार्रवाई करते हैं, वह पूरी तरह से आपके अपने जोखिम और जिम्मेदारी पर है!

  • References

1) Chtourou H, Souissi N. The effect of training at a specific time of day: a review. J Strength Cond Res. 2012 Jul;26(7):1984-2005. doi: 10.1519/JSC.0b013e31825770a7. PMID: 22531613.
2) Chtourou H, Driss T, Souissi S, Gam A, Chaouachi A, Souissi N. The effect of strength training at the same time of the day on the diurnal fluctuations of muscular anaerobic performances. J Strength Cond Res. 2012 Jan;26(1):217-25. doi: 10.1519/JSC.0b013e31821d5e8d. PMID: 21993020.
3) Vitale JA, Weydahl A. Chronotype, Physical Activity, and Sport Performance: A Systematic Review. Sports Med. 2017 Sep;47(9):1859-1868. doi: 10.1007/s40279-017-0741-z. PMID: 28493061.
4) Thomas JM, Kern PA, Bush HM, McQuerry KJ, Black WS, Clasey JL, Pendergast JS. Circadian rhythm phase shifts caused by timed exercise vary with chronotype. JCI Insight. 2020 Feb 13;5(3):e134270. doi: 10.1172/jci.insight.134270. PMID: 31895695; PMCID: PMC7098792.
5) Schoenfeld BJ, Aragon AA, Wilborn CD, Krieger JW, Sonmez GT. Body composition changes associated with fasted versus non-fasted aerobic exercise. J Int Soc Sports Nutr. 2014;11(1):54. Published 2014 Nov 18. doi:10.1186/s12970-014-0054-7

Related posts

2 Thoughts to “जिम में ट्रेनिंग करने का सही समय क्या है – What is the Right Time to Train in the Gym”

Leave a Comment